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योगी कैबिनेट मीटिंग में 9 प्रस्ताव पास, जानें किस जिले को क्या मिला?

लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे के बिड आमंत्रण (RFQ) और प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) को मंजूरी मिली है. इसके साथ ही 16 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने को मंजूरी दी गई है. सरकारी निजी कंपनी भागीदारी (PPP) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने को मंजूरी प्रदान की गई है.

कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग में 12 प्रस्ताव रखे गए थे, जिसमें 9 पास हुए है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे का जाल बनता जा रहा है. जिससे आने वाले समय ने 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बढ़ाने में मदद मिलेगी. देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे बन रहा है, जिस पर 19754 करोड़ का सिविल वर्क होगा. इसके साथ ही भूमि के लिए 9255 करोड़ में भूमि खरीदी जाएगी. 6 लेन का एक्सप्रेस वे तैयार हो रहा है, जो 8 लेन तक एक्सपेंड हो सकता है. इस एक्सप्रेसवे पर स्पीड 120 किलोमीटर निर्धारित किया जाएगा और एयर स्ट्रिप भी बनेगी. मंत्री ने बताया कि एक्सप्रेसवे के लिए 60 दिन के अंदर बिडिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. उन्होंने बताया कि दूसरे प्रस्ताव में ललितपुर में एयरपोर्ट के प्रस्ताव को मिली मंजूरी. ललितपुर में डिफेंस कॉरिडोर भी बन रहा है. इसके अंतर्गत एयरपोर्ट की जरूरत के अनुसार मंजूरी दी गई है.

गंगा एक्सप्रेस की स्थिति

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए मेरठ-बुलन्दशहर मार्ग एनएच 334, जनपद मेरठ के बिजौली ग्राम के समीप से प्रारम्भ होकर जनपद प्रयागराज तक पूर्णतः नियंत्रित गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है. वहीं, परियोजना का अन्तिम स्थल प्रयागराज में इलाहाबाद बाईपास ( एनएच-19 ) पर ग्राम जूडापुर-दांदू के समीप होगा. इस परियोजना की लम्बाई अनुमानित 594 किमी है. इस परियोजना से मेरठ, हापुड़, बुलन्दशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायू, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ एवं प्रयागराज जिले लाभान्वित होंगे. इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे 06 लेन चौड़ा (08 लेन में विस्तारणीय) होगा तथा संरचनाएं 08 लेन चौड़ाई की बनायी जाएंगी. वहीं, एक्सप्रेसवे के राइट ऑफ-वे (ROW) की चौड़ाई 130 मीटर प्रस्तावित है.

93 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण

एक्सप्रेसवे के एक ओर 3.75 मीटर चौड़ाई की सर्विस रोड स्टैगर्ड रूप में बनाई जायेगी, जिससे परियोजना के आस-पास के गांव के निवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके. गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण PPP-Toll (DBFOT) पद्धति पर किया जाना प्रस्तावित है. बिड आमंत्रण के लिए RFQ-cum – RFP अभिलेख पर सचिव समिति द्वारा संस्तुति प्रदान करने के बाद मंत्रिमण्डल से अभिलेखों का अनुमोदन किया गया है. गंगा एक्सप्रेसवे के लिए कुल आवश्यक भूमि के सापेक्ष दिनांक 31 अगस्त तक लगभग 6800 हेक्टेयर यानि कि 93 प्रतिशत भूमि खरीद का अधिग्रहण किया जा चुका है.

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