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मुख्तार अंसारी जेलर को धमकाने के मामले में दोषी,7 साल की सजा।

अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई कुल मिलाकर 7 साल की सजा और ₹37000 जुर्माना लगाया गया।

लखनऊ :  हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के आलमबाग थाने के एक आपराधिक मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में सात साल की सजा सुनाई है । यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए दिया है ।

    अपील को सुनवाई के बाद स्वीकार करते हुए  पीठ ने अलग अलग आई पी सी की तीन धाराओं में सजा सुनाई है । लेकिन सभी सजाए साथ साथ चलेगी इसलिए कुल सात साल की सजा से दोषी करार देते हुए मुख्तार को दण्डित किया है ।  राजधानी के आलमबाग थाने के एक मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया गया है ।यह फैसला न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए पारित किया ।

विदित हो कि मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है  । वर्ष दो हजार तीन में जेल के जेलर को धमकाने वाले मामले में सजा सुनाई गई है । कोर्ट ने आईपीसी की धारा 506 के तहत मुख्तार अंसारी को 7 साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है ।  साथ ही कोर्ट ने आईपीसी की धारा 353 के तहत 2 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है ।  वहीं आईपीसी की धारा 504 के तहत दो साल की सजा और 2 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया सभी सजा साथ-साथ चलने के आधार पर कुल मिलाकर 7 साल की सज़ा सुनाई गई है ।

विदित हो कि उस समय जेल में मुख्तार से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने पर मुख्तार इतना नाराज हुए थे कि उन्होंने गाली गलौज तो किया ही साथ ही   पिस्टल तान कर जान से मारने की धमकी भी दी थी । इस घटना की रिपोर्ट तत्कालीन जेलर एस के अवस्थी ने थाना आलमबाग में एफ आई आर दर्ज कराई थी । इस मामले में निचली अदालत ट्रायल कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को बरी कर दिया था । इस बरी करने वाले आदेश को हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने अपील दायर कर चुनौती दी थी । हाईकोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए यह सजा का आदेश दिया है । साथ ही हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी को निचली अदालत एम पी एम एल ए कोर्ट नम्बर 19 द्वारा 23 दिसंबर 2020 को बरी किए जाने वाले आदेश को भी खारिज कर दिया है । साथ ही सात साल की सजा के साथ कुल 37हजार के जुर्माने से भी दण्डित किया है ।

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