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तालिबान का दावा- अफगानिस्तान में ‘ऑल इज वेल’, जल्द बनाएंगे सरकार, कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार!

अफगानिस्तान में तालिबान अब सरकार बनाने के करीब पहुंच चुका है. तालिबान देश से अमेरिका के जाने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद वो अफगानिस्तान की गद्दी पर काबिज हो जाएगा. इसी सिलसिले में तालिबान ने दोबारा अपने कैबिनेट के बारे में जानकारी दी. तालिबान ने कहा कि उनका कैबिनेट तैयार है. तालिबान ने गुल आगा को वित्त मंत्री, मुल्लाह शिरीन को काबुल का गवर्नर, नजीबुल्लाह को खुफिया प्रमुख नियुक्त किया है. सखउल्लाह को शिक्षा मंत्री तो अब्दुल बाकी को हायर एजुकेशन का मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा, फिर से मीडिया के सामने आकर तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने तालिबान सरकार के प्लान का ब्लू प्रिंट रखा. जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि सरकार के गठन और विशेष अधिकारियों को लेकर संगठन में बातचीत जारी है.

तालिबान सरकार पर बदल रही तारीख पर तारीख

हाल के दिनों में अफगानिस्तान से जो खबरें आईं, उससे साफ लग रहा है कि तालिबान में सरकार को लेकर दोफाड़ है. तालिबान में राष्ट्रपति पद को लेकर मुल्ला बरादर और हिबतुल्लाह अखुंदजादा के नाम पर विवाद चल रहा है. सरकार बनाने को लेकर मुल्ला अब्दुल गनी बरादर काबुल में लोगों, कमांडरों और जिहादी नेताओं से मुलाकात कर रहा है. इस बीच अब दुनिया को ये भी संवाद देना चाह रहा है कि तालिबान में दोफाड़ नहीं ‘ऑल इज वेल’ है. तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि उसके नेता शेख हिबतुल्ला अखुंदज़ादा जल्द ही लोगों के सामने होंगे.

तालिबान सरकार में सेना के संगठन पर विशेष ध्यान

जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि “सेना देश की महत्वपूर्ण नींव है, हम पहले से बेहतर सेना बनाने की कोशिश कर रहे है. हमारे पास जो सैनिक हैं उनकी भर्ती की जाएगी और पूर्व सैनिकों में से योग्य और कुशल जवानों की भर्ती की जाएगी.” अफगान में सरकार बनाने से पहले तालिबान पर कई आरोप लगने शुरु हो गए हैं. तालिबानी प्रवक्ता ने साफ किया है, “अफगानिस्तान में कोई पाकिस्तानी तालिबान नहीं है.”

तालिबान ने कहा है कि वो “अफगान की धरती का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे. ​जनरल मुशर्रफ के साथ तालिबान क्या करेगा, इस पर वो चर्चा नहीं कर रहे हैं. ये अफगानिस्तान के बाहर का मामला है. अफगानिस्तान के बाहर कई लोग तालिबान के साथ विश्वासघाती रहे हैं. इस्लामिक अमीरात द्वारा किसी पर नजर नहीं रखी जा रही है.”

अमेरिकी और उसके समर्थकों की घरों में घुस-घुस कर तलाशी की खबर को जबीहुल्लाह ने बेबुनियाद बताते हुए कहा कि “तालिबान किसी के घर में नहीं घुस रहा है और ना ही तालिबान के पास कोई तलाशी को लेकर लिस्ट है. सभी के लिए सामान्य माफी की घोषणा की गई है और हम लोगों के भविष्य और वापसी के बारे में सोच रहे हैं.”

तालिबान से महिलाओं को कोई खतरा नहीं!

तालिबान राज में सबसे ज्यादा उसकी क्रूरता और महिलाओं पर अत्याचार से लोग डर रहे हैं. तालिबान का महिलाओं में वो खौफ ही है कि किसी भी हाल में वो अपना बसा-बसाया घर-संसार छोड़कर किसी भी देश में शरण लेने को बेचैन हैं. काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भीड़ और दुर्दशा पुरी दुनविया ने देखी है. और यही वजह है कि तालिबन को महिलाओं को लेकर सफाई देनी पड़ी.

प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा कि महिलाओं को संस्थानों में जाने से रोकने का मुद्दा अस्थाई है, इसे सुलझा लिया जाएगा. तालिबान ने सफाई देते हुए कहा है कि महिलाओं के साथ किसी तरह का कोई दुर्व्यवहार न हो इसके लिए उन्हें काम से रोका गया है. महिलाओं को अभी घर में रहना चाहिए. उन्हें हटाया नहीं जा रहा है और उनके वेतन का भुगतान घर पर किया जाएगा.

​​पटरी पर लौट रहा अफगानिस्तान!

तालिबान ने दावा किया है कि “अफगानिस्तान में मीडिया ने अपना काम शुरू कर दिया है. अफगानिस्तान में मीडिया को कोई खतरा नहीं है. मीडिया के संतुष्टि का स्तर पहले ही बढ़ गया है, जो एक अच्छी उपलब्धि है.” मीडिया के अलावा ​बैंक के काम भी अब शुरू हो जाएंगे. ​काबुल में यातायात अधिकारियों ने अपना काम फिर से शुरू कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपना काम शुरू कर दिया है. सभी अस्पतालों में लोगों का इलाज चल रहा है. शिक्षा मंत्रालय ने भी अपना काम शुरू कर दिया है और मंत्रालय की प्रक्रियाओं के अनुसार स्कूल छात्रों के लिए खुले हैं.

बहरहाल तालिबान ने आज प्रेस कॉफ्रेंस करके अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को जहां खारिज कर अपने को पाक-साफ साबित करने की कोशिश की है. तालिबान की सफाई और अफगानिस्तान का वर्तमान दोनों एक दूसरे से मेल नहीं खा रहा है. लोगों में तालिबान सरकार का खौफ ये बता रहा है कि अफगानिस्तान में सबकुछ ठीक नहीं है.

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