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स्वर्गीय इंदिरा गांधी का सपना रह गया अधूरा नहीं हो सका अब तक पूरा

संजय गांधी अस्पताल मुंशीगंज अमेठी को मेडिकल कालेज बनाने का स्व.इंदिरा गांधी का सपना अब तक अधूरा है। 1982 में इस अस्पताल की आधारशिला रखते हुए इंदिरा जी ने कहा था कि अस्पताल में सिर्फ मरीजों का इलाज नहीं होगा बल्कि इलाज की पढ़ाई भी होगी। 350 बेड के इस अस्पताल की ग्रामीण क्षेत्र के एशिया के बड़े अस्पतालों में गिनती होती है। अमेठी के तत्कालीन सांसद संजय गांधी के जून 1980 में निधन के बाद गठित संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट को उत्तर प्रदेश सरकार ने अस्पताल/मेडिकल कालेज के लिए 40 एकड़  जमीन लीज पर दी थी।
हाल में दो अवसरों पर महाप्रबंधक भोला नाथ तिवारी से भेंट के दौरान अस्पताल की स्थापना से लेकर संस्थान के अब तक के सफर की विस्तार से चर्चा हुई। उन्हें कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें भी भेंट की। उन्होंने बताया कि  अक्टूबर 1989 से अस्पताल संचालन में आया। 2005 में अस्पताल परिसर में 99 बेड की इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय की पृथक यूनिट प्रारम्भ हुई। 2007 में इंदिरा गांधी कालेज आफ नर्सिंग की शुरुआत जीएनएम डिप्लोमा कोर्स के साथ हुई। वर्ष 2015 में एएनएम 2016 में बीएससी नर्सिंग और 2020 से पीवीबीएससी कोर्स की शुरुआत ने युवतियों के लिए रोजगार के नए अवसर खोले। छह माह का बेबी केयर नर्सिंग कोर्स भी संचालित किया जा रहा है।
नर्सिंग कालेज से प्रतिवर्ष प्रशिक्षित 170 नर्सेज का उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के साथ ही जयपुर, दिल्ली, गुड़गांव सहित अन्य स्थानों के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में चयन सुनिश्चित कराया जाता है। 2012 में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल की स्थापना हुई। इसमें शुरुआत में ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन , फिजियोथेरेपी और फिर ऑप्टोमेट्री , डायलिसिस एवम सिटी स्कैन के डिप्लोमा कोर्स शुरू हुए। संस्थान से विभिन्न कोर्सेस में प्रशिक्षित 100 छात्रों का प्रदेश-देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में चयन सुनिश्चित किया जाता है। अमेठी और पास-पड़ोस की ग्रामीण आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने वाले संजय गांधी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं और प्रबंधन को महाप्रबंधक भोला नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में नई गति और ऊर्जा प्राप्त हुई है।
अधीक्षक डॉक्टर सजीव तिवारी, चेस्ट फिजीशियन डॉक्टर सिद्धार्थ अजय, फिजीशियन डॉक्टर जी एस मिश्रा आर्थोसर्जन डॉक्टर चेतन तिवारी और डॉक्टर गौरव मिश्र , सर्जन डॉक्टर मोहम्मद रजा , ईएन टी सर्जन डॉक्टर अम्बर तिवारी, महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मीना शर्मा और डॉक्टर इंदु सिंह , डेंटिस्ट डॉक्टर सुधीर तिवारी , पैथॉलजिस्ट डॉक्टर साहिल मुराद , रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास शुक्ल जैसे काबिल चिकित्सकों की टीम और कार्य के प्रति समर्पित पैरा मेडिकल टीम अपनी पूरी क्षमता से मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। अस्पताल की बहुआयामी प्रगति के बीच भी एक बड़ा कार्य अभी बाकी है और वह है इंदिराजी का अधूरा सपना – संजय गांधी अस्पताल को मेडिकल कालेज बनाया जाना।

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