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शाइन सिटी कंपनी का इंडिया बिजनेस हेड बृजमोहन सिंह गिरफ्तार, निवेश के नाम पर ठगे 75 करोड़ रुपये

रियल एस्टेट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम डकार कर भागी शाइन सिटी कंपनी के इंडिया बिजनेस हेड बृजमोहन सिंह समेत चार लोगों एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. बृजमोहन सिंह इस वक्त शाइन सिटी कंपनी के एमडी राशिद नसीम की एक और फर्जी कंपनी स्काई ओशियन में रकम निवेश करने के नाम पर जनता से ठगी कर रहा था. राशिद और बृजमोहन सिंह ने मात्र 2 साल में स्काई ओशियन कंपनी बनाकर जनता के 75 करोड़ रुपये हजम कर लिए. एसटीएफ ने बुधवार शाम विभूतिखंड इलाके से बृजमोहन और उसके तीन साथियों को उस वक्त दबोचा जब वो कंपनी के अन्य टीम लीडर के साथ मीटिंग करने जा रहा था.
बृजमोहन सिंह रांची का रहने वाला है
एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि बृजमोहन सिंह झारखंड के रांची का रहने वाला है. राशिद नसीम ने उसे स्काई ओशियन कंपनी का एमडी बनाया था. बृजमोहन के साथ पकड़ा गया बुलंदशहर का अंकित भी स्काई ओशियन कंपनी का एमडी था. दो अन्य युवक झारखंड का गढ़वा निवासी मोहम्मद फैजान और महाराष्ट्र के सोलापुर में रहने वाला सुभाष तुकाराम देवकाते भी कंपनी के टीम लीडर थे.
बतौर टीम लीडर काम शुरू किया
एसटीएफ की पूछताछ में बृजमोहन सिंह ने बताया कि उसने वर्ष 2017 में मनोज कुमार के जरिए शाइन सिटी कंपनी में बतौर टीम लीडर काम शुरू किया था. वो आकर्षक योजनाएं बताकर निवेशकों को झांसा देता था और उनसे कंपनी में रुपया जमा कराता था. 2017 से 2019 तक उसने कंपनी में 75 करोड़ रुपये निवेश कराए. इसके बदले उसे 6 प्रतिशत कमीशन मिला था. मई 2019 में राशिद नसीम और कंपनी के आठ-दस अन्य प्रेसिडेंट नेपाल में गिरफ्तार हुए थे. ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो लोगों ने कंपनी में निवेश करना बंद कर दिया. जगह-जगह राशिद के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने लगे. करीब डेढ़ महीने बाद राशिद नसीम नेपाल में जेल से छूटा तो इंडिया आने के बजाय दुबई भाग गया.
ठगी का धंधा शुरू कर दिया
बृजमोहन ने बताया कि उसने दिसंबर 2020 में राशिद के निर्देश पर शाइन सिटी कंपनी के सॉफ्टवेयर डेवलपर सुनील और मयूर से स्काई ओशियन डॉट लाइव वेबसाइट और सॉफ्टवेयर बनवाया. इसके बाद अंकित के साथ मिलकर सबने ठगी का धंधा शुरू कर दिया. निवेशकों को निवेश की गई रकम पर प्रतिदिन आधा प्रतिशत ब्याज देने का लालच दिया. इसके अलावा टीम लीडरों को 10 प्रतिशत डायरेक्ट और 10 परसेंट बायनरी कमीशन का लालच दिया. स्काई ओशियन कंपनी का प्रमोशन राशिद नसीम खुद जूम मीटिंग या डायरेक्ट मीटिंग करके करता था. राशिद का चेहरा देखकर निवेशकों ने कंपनी में रुपया लगाना शुरू कर दिया. करोड़ों रुपए आने लगे तो राशिद ने 16 मार्च 2021 को बृजमोहन और उसके 80 टीम लीडर को दुबई बुलाया. यहां 3 दिन तक होटल हयात रीजेंसी और ओबरॉय में सबने पार्टी और मीटिंग कीं. इसी दौरान स्काई ओशियन टोकन यानी एसओटी नाम से क्रिप्टो करंसी भी लॉन्च की गई.
बंद कर दी कंपनी 
बृजमोहन ने बताया कि स्काई ओशियन कंपनी में जो भी रुपया आता था, उससे कंपनी का खर्च और एजेंटों का कमीशन काटकर वो राशिद नसीम और अंकित आपस में बांट लेते थे. कंपनी में शुरू में निवेशकों को कुछ पेआउट दिए और जब निवेशक ज्यादा लालच में आकर ज्यादा रकम लगाने लगे तो राशिद और बृजमोहन ने कंपनी बंद कर दी. उसकी जगह दूसरी वेबसाइट और कंपनी लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी.
मीटिंग करने के लिए आए थे लखनऊ
स्काई ओशियन कंपनी की ठगी के मामले सामने आए तो बृजमोहन और उसके साथी अपना ठिकाना छोड़कर गोवा में छिपकर रहने लगे. एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि नई कंपनी के प्रमोशन के लिए मुंबई, सूरत, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और लखनऊ में अक्सर मीटिंग करते थे. बृजमोहन और उसके साथी मीटिंग करने के लिए ही लखनऊ आए थे तभी एसटीएफ को उनका सुराग मिल गया और सबको दबोच लिया गया. कंपनी के अन्य टीम लीडरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

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