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यूपी के स्कूलों में 9 से 12 के छात्रों के लिए चलेगी 4 घंटे की क्लास, एसओपी तैयार

लखनऊ : कोरोना महामारी की दूसरी लहर सुस्त पड़ने पर अब सभी राज्‍यों में संक्रमण के मामलों में गिरावट आ रही है. लॉकडाउन के नियमों में बढ़ती ढील को देखते हुए राज्‍य में स्‍कूल कॉलेज खोलने की भी मांग उठ रही है. उत्तर प्रदेश के अनएडेड प्राइवेट स्‍कूल एसोसिएशन (UPSA) ने शिक्षामंत्री दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर स्‍कूल पूरी तरह से खोलने की अपील की है. एसोसिएशन ने सुझाया है कि कक्षा 9 से 12 तक के लिए स्‍कूल 19 जुलाई से खोले जाएं, जबकि कक्षा 1 से 8 तक के लिए 02 अगस्‍त से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो.
19 जुलाई से स्कूल शुरू करने का है प्रस्ताव
संगठन की तरफ से प्रदेश सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में तीन चरणों में स्कूल में छात्रों को बुलाने का सुझाव दिया गया. पहले चरण में 19 जुलाई से कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने का प्रस्ताव है. दूसरे चरण में अगस्त के पहले सप्ताह में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों और तीसरे व अंतिम चरण में 16 अगस्त से प्री प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाने का सुझाव दिया गया है. अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का कहना है कि यह प्रस्ताव मौजूदा हालातों को देखते हुए रखा गया है. कोरोना संक्रमण की स्थितियां वर्तमान में नियंत्रण में है. पार्क, मॉल जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में बच्चे घूमने के लिए आ रहे हैं. ऐसे में स्कूल भी खोले जा सकते हैं. उनका सुझाव है कि अगर स्थितियां खराब होती है तो दोबारा उन्हें बंद कर दिया जाएगा. संगठन का यह भी कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे.
यह एसओपी की गई तैयार
  • 4 घंटे के लिए स्कूल का संचालन किया जाएगा. सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक कक्षाएं संचालित की जाएगी.
  • विद्यालय में प्रार्थना सभाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा.
  • कक्षा में से 50% छात्र छात्राओं को बुलाया जाएगा.
  • स्कूलों को अपने स्तर पर ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने या ना करने का विकल्प दिया जाए.
  • ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने से पहले अभिभावकों से सहमति पत्र लिया जाएगा.
  • परिसर को पूरी तरह से सोडियम हाइपोक्लोराइड से साफ किया जाए. यह दैनिक आधार पर स्कूल के अंत में किया जाना चाहिए.
  • परिसर के अंदर किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. छात्रों के आने और जाने के मार्ग निर्धारित किए जाएंगे.
  • मास्क के बिना किसी को भी विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. गेटों पर थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर के आवेदन के बिना कोई प्रविष्टि उपलब्ध नहीं कराई जाएगी.
  • बच्चे सीधे कक्षाओं में जाएंगे. 4 घंटे की क्लासेस के दौरान कोई इंटरवल नहीं होगा.

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