उत्तर प्रदेशलखनऊ

मीनाश्री होटल हत्याकांड: 1 हफ्ते की पूछताछ के बाद छोड़े गए आरोपी, पुलिस बोली- नशे का इंजेक्शन लेने से हुई मौत

लखनऊ: विभूति खंड इलाके में मंत्री आवास के सामने होटल मीनाश्री में हुई प्रॉपर्टी डीलर रजत सिंह सेंगर की हत्या के मामले में पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लेकर लगभग 1 हफ्ते तक पूछताछ की. पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी को थाने से ही छोड़ दिया है, जबकि प्रॉपर्टी डीलर के पिता की ओर से चार लोगों के खिलाफ नामजद 302 की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था. बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर चोटों के निशान पाए गए थे लेकिन, हत्या की पुष्टि न होने की वजह से विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है. पुलिस का कहना है कि हत्या के कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिसकी वजह से सभी को छोड़ दिया गया है लेकिन किसी को लखनऊ छोड़कर जाने की मंजूरी नहीं दी गई है. पुलिस का मानना है कि मृतक की मौत इंजेक्शन से लिए गए नशे के भारी डोज की वजह से हुई है, क्योंकि मृतक के ब्लड और आंत में नीले रंग का पदार्थ पाया गया है.

मृतक के पिता ने बताया कि पुलिस से उन्हें जानकारी प्राप्त हुई थी कि मृतक रजत के सिर के दाहिनी ओर गहरी चोट के निशान मिले हैं. इतना ही नहीं उसपर किसी भारी वस्तु से वार करने की बात भी सामने आई है. रजत की आंत में नीले रंग का पदार्थ भी पाया गया है. पिता का आरोप है कि उन्होंने होटल मालिक के बेटे जतिन गुप्ता और अनमोल गुप्ता उनके बेटे रजत से नशे का कारोबार कराना चाहते थे. बेटे के इनकार के कारण ही उसकी हत्या की गई है. जिसके बाद इन लोगों ने पुलिस को गुमराह करते हुए चोरी छिपे शव को एंबुलेंस की सहायता से लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवा कर भाग निकले थे.

मृतक के बड़े भाई देवेंद्र कुमार सेंगर का आरोप है कि होटल मीनाश्री में चल रहे नशे के इस कारोबार को संरक्षण देने के लिए विभूति खंड पुलिस यहां से हर महीने ढाई से तीन लाख रुपया लेती है. यही वजह है कि होटल में हुई रजत की हत्या को पुलिस छिपाने का प्रयास कर रही है. आरोप है कि जब रजत के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा था तो विभूति खंड इंस्पेक्टर चंद्र शेखर मिश्रा शव को लावारिस घोषित करना चाहते थे. लेकिन परिजनों को जानकारी लगते ही उसकी पहचान हो गई. आरोप है कि इसीलिए पुलिस उन्हें गुमराह कर रही है. आरोप है कि विभूतिखंड पुलिस ने रुपये लेकर ही आरोपियों को छोड़ दिया है.

विभूति खंड एसीपी अनूप कुमार ने बताया कि मृतक के पिता हरि सिंह सेंगर की तहरीर के आधार पर होटल मैनेजर अनमोल गुप्ता उसका भाई जतिन गुप्ता मित्र सलभ प्रताप सिंह रघुवंशी और होटल की रिसेप्शनिस्ट रेखा सिंह के खिलाफ 302 की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी. मामले की जांच के लिए होटल स्टाफ को हिरासत में लिया गया था. जिनसे लगभग 48 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई. होटल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए तो ऐसे कोई साक्ष्य नहीं प्राप्त हुए जिससे हत्या की ओर इशारा किया जा सके. मृतक के शरीर में नीले रंग का मादक पदार्थ पाया गया है, इसके साथ ही उसके शरीर पर कुछ चोटों के निशान भी मिले हैं. जिस पर डॉक्टर का कहना है कि नशे का भारी डोज लेने की वजह से आदमी गिरता है यह चोटें तभी की मालूम होती हैं. फिलहाल डीसीपी के आदेश पर सभी को छोड़ दिया गया है, क्योंकि बिना कोई साक्ष्य के थाने पर ज्यादा समय के लिए नहीं बैठाया जा सकता. उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना चल रही है. विवेचना के दौरान साक्ष्य सामने आने पर आरोपियों गिरफ्तारी भी की जा सकती है.

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