उत्तर प्रदेशलखनऊ

कल्याण सिंह के कारण बना राममंदिर निर्माण का सुयोग : अम्बरीश सिंह

लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बाबरी ढांचा विध्वंस की समस्त जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रखर रामभक्त कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री अम्बरीश सिंह ने कहा कि रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का जो सुयोग बना वह कल्याण सिंह के कारण ही बना।

उन्होंने कहा कि यदि कल्याण सिंह के मन में उस दिन रंचमात्र भी सत्ता का मोह रहता तो मंदिर निर्माण तो दूर अपमान और कलंक का वह प्रतीक आज भी विद्यमान होता। गोस्वामी तुलसीदास के एक पद का अंश ‘राजीवलोचन राम चले तजि बाप को राज बटाऊ की नाईं’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कलियुग में कल्याण सिंह ने उन्हीं का अनुकरण किया। पद और प्रतिष्ठा की गलाकाट प्रतिस्पर्धा के आज के युग में देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी उन्होंने रामजी के ही समान बटाऊ की तरह छोड़ दी और उस काम को सम्पन्न कराने की बाधा को दूर कर दिया जिसके लिये हमारे पुरखों ने 76 यद्ध किये। 06 दिसम्बर 1992 को को सायंकाल जब इन नरवीर सिंहासन छोड़ा तो भारतमाता के अपमान का प्रतीक और एक विदेशी आक्रांता का विजयचिन्ह इतिहास के कूड़ेदान में चल गया था।

इस पुण्यकार्य की बाधा को दूर किया हिन्दू नरकेसरी भारतमाता के सुयोग्य पुत्र कल्याण सिंह ने। हिन्दू कुल शिरोमणि कल्याण सिंह ने संकल्प भी लिया और अपने ही आंखों से उसकी सिद्धि भी देखी। उनका जाना देश और हिन्दू समाज की अपूरणीय क्षति है जिसकी पूर्ति निकट भविष्य में तो असम्भव ही दिखती है। कल्याण सिंह के जाने से उस युग के नेताओं की एक महत्वपूर्ण कड़ी और टूट गई जो अपने संकल्प के पूर्ति के लिये सदैव ही सर्वस्व समर्पण करने के लिये तत्पर रहते थे।

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