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यूपी में ‘लखपति दीदी’ के बाद अब ‘करोड़पति दीदी’ की तैयारी: हर जिले में 100 महिलाओं का लक्ष्य, केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देने जा रही है। ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता के बाद अब राज्य सरकार ने ‘करोड़पति दीदी’ योजना की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम 100 महिलाओं को करोड़पति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं के उत्पादों की विशेष ब्रांडिंग कर उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

इससे पहले उन्होंने प्रदेश भर के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल स्वरोजगार तक सीमित न रखकर उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पहले चरण में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है।

इसके बाद प्रशिक्षण, बाजार उपलब्धता, वित्तीय सहायता और ब्रांडिंग के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ाकर ‘करोड़पति दीदी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पहले से ही सक्षम हैं और उनके उत्पादों में व्यापक संभावनाएं हैं। श्री मौर्य ने बताया कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौतों का लाभ उठाते हुए भविष्य में उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को यूरोप के बाजारों तक पहुंचाया जाएगा।

इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भारत के लिए यूरोप के बाजार और खुलेंगे, तब उत्तर प्रदेश की दीदियों के उत्पाद वहां अपनी पहचान बनाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ अवधारणा के तहत विशेष कैंटीन स्थापित की जाएंगी, जिससे स्थानीय व्यंजनों को बाजार मिलेगा और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मौर्य ने बताया कि प्रदेश के 826 विकास खंडों में सोलर यूनिट स्थापित की जाएंगी। साथ ही ई-रिक्शा चलाने वाली महिलाओं के लिए चार्जिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो। समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने सभी सीडीओ को निर्देश दिए कि विधायक निधि के प्रस्ताव 45 दिनों के भीतर स्वीकृत किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि दिशा कमेटी की बैठकें वार्षिक कैलेंडर बनाकर समय पर आयोजित की जाएं, ताकि विकास कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।

मौर्य ने ‘विकसित भारत एट 2047’ के संकल्प के तहत स्मार्ट गांव बनाने की योजना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा, महिला उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और आधुनिक सुविधाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इस मौक़े पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की दुर्घटना में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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