उत्तर प्रदेशलखनऊ

टीबी मुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम: सचिवालय में राज्य टीबी फोरम की अहम बैठक

लखनऊ। राज्य में टीबी मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज सचिवालय में राज्य टीबी फोरम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष द्वारा की गई।

बैठक में विशेष सचिव चिकित्सा , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग धीरेंद्र सचान, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ रतन पाल सिंह सुमन, राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ शैलेंद्र भटनागर, उप राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ ऋषि सक्सेना तथा डब्लूएचओ, आईहैट, जीएचएस, सीफार के राज्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

बैठक के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य को टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए बहु-विभागीय सहभागिता और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संभावित टीबी रोगियों की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए तथा चिन्हित रोगियों को संपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सुविधाएं बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएं।

टीबी संक्रमण की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए सभी शहरों में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कार्यरत कर्मचारियों की नियमित टीबी जांच को अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही राज्य के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों की नियमित टीबी जांच सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत किचन स्टाफ की अनिवार्य टीबी जांच कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संक्रमण की किसी भी संभावना को समय रहते रोका जा सके।

अपर मुख्य सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि राज्य टीबी फोरम तथा जिला टीबी फोरम की बैठकें प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाएं और जिला टीबी फोरम की कार्यवाही रिपोर्ट को प्रत्येक माह संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। उन्होंने पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की निरंतर समीक्षा पर विशेष जोर दिया।

बैठक में टीबी चैंपियंस की सहभागिता को और अधिक सशक्त करने पर भी सहमति व्यक्त की गई, ताकि उनके अनुभवों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके और टीबी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर किया जा सके। साथ ही, टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया।

अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और सभी संबंधित विभागों, संस्थानों एवं विकास साझेदारों के सहयोग से राज्य को शीघ्र टीबी मुक्त बनाया जाएगा।

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